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श्रद्धा और स्मृतियों के बीच गूंजा जीवन का संदेश, भावुक हुई श्रद्धांजलि सभा
आरपी यादव~बिहार ब्यूरो तेजसबिंदु न्यूज
08 Jun 2026
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श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा संवेदनाओं, संस्कारों और आत्मीयता का अद्भुत संगम।
सिंघिया घाट,समस्तीपुर: विगत रात्रि एक ऐसी श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ, जिसने केवल एक दिवंगत आत्मा को स्मरण करने का कार्य नहीं किया, बल्कि जीवन, परिवार, संस्कार और मानवीय मूल्यों की गहन अनुभूति भी कराई। यह श्रद्धांजलि सभा प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं होलीफेथ पब्लिक स्कूल, वीरपुर के प्राचार्य आदरणीय अनूठा जी की पूज्य सासू माँ की पावन स्मृति में आयोजित की गई थी।
सिंधिया घाट की शांत और गंभीर वायुमंडलीय पृष्ठभूमि में आयोजित यह कार्यक्रम भावनाओं की ऐसी सरिता बन गया, जिसमें उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति श्रद्धा, संवेदना और आत्मीयता के भावों से सराबोर दिखाई दिया। सामान्यतः श्रद्धांजलि सभाएं औपचारिकताओं तक सीमित रह जाती हैं, किंतु यह आयोजन अपने स्वरूप और भावभूमि में विशिष्ट था। यहाँ रिश्तों की ऊष्मा, अपनों के प्रति सम्मान और संस्कारों की गहराई प्रत्येक क्षण में अनुभव की जा सकती थी।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान आदरणीय अनूठा जी ने अपने उद्बोधन में जीवन की क्षणभंगुरता, परिवार की महत्ता, संस्कारों की अमूल्य विरासत तथा मानवीय संवेदनाओं पर जो विचार व्यक्त किए, वे सीधे हृदय को स्पर्श करने वाले थे। उनके शब्दों में केवल एक दामाद का शोक नहीं, बल्कि एक संवेदनशील मनुष्य की आत्मीय अनुभूति झलक रही थी। उनका वक्तव्य उपस्थित जनसमूह के लिए भावनात्मक होने के साथ-साथ जीवन-दर्शन का प्रेरक संदेश भी बन गया।
एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद के रूप में अनूठा जी की पहचान केवल अंग्रेजी विषय के उत्कृष्ट शिक्षक तक सीमित नहीं है, बल्कि वे शिक्षा को संस्कारों और नैतिक मूल्यों से जोड़ने वाले मार्गदर्शक के रूप में भी जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में संचालित होलीफेथ पब्लिक स्कूल, वीरपुर शिक्षा और संस्कार के संतुलित समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बन चुका है, जहाँ विद्यार्थियों को केवल पाठ्य ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती है।
समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड स्थित सिंधिया घाट में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में शिक्षकों, बुद्धिजीवियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। बेगूसराय जिले के अनेक प्रतिष्ठित शिक्षकों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई। वीरपुर से विद्यालय के डायरेक्टर आदरणीय संजीव सर, विद्यालय प्रभारी प्रीतम कुमार, परीक्षा नियंत्रक रोहित सर, आर्यन सर, सुजीत सर आरपी यादव सर सहित अनेक शिक्षकों ने उपस्थित होकर दिवंगत आत्मा के प्रति अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा के अंत में वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और भावविह्वल हो उठा, जब सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके उपरांत प्रसाद स्वरूप आयोजित सामूहिक भोज में सहभागिता कर सभी लोग श्रद्धा और स्मृतियों के भावों को अपने हृदय में संजोए अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर गए।
जीवन का सत्य यही है कि शरीर नश्वर है, किंतु व्यक्ति के संस्कार, उसके प्रेम और उसके द्वारा छोड़ी गई स्मृतियाँ अमर रहती हैं। दिवंगत माता जी का स्नेह, त्याग और पारिवारिक मूल्यों की विरासत सदैव उनके परिजनों के जीवन को आलोकित करती रहेगी।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति, धैर्य और संबल प्रदान करें।